Top Scoping
Error Loading Feed!
Join This Site
साइटिका के पुराने से पुराने दर्द में भी राहत देंगे ये प्रयोग

साइटिका के पुराने से पुराने दर्द में भी राहत देंगे ये प्रयोग


.
साइटिका रोग में एक तेज़ दर्द कमर से होता हुआ पैरों तक बहुत पीड़ा देता है जिसे साइटिका पेन भी कहते हैं | वास्तव में हमारे शरीर में स्थित स्याटिक नर्व इस दर्द का केंद्र है , जिस कारण इसका नाम साइटिका पड़ा | साइटिका से पीड़ित रोगी को चलने -फिरने तथा उठने बैठने में बहुत ही तकलीफ का सामना करना पड़ता है | यहाँ तक की खाँसने , छीकने अथवा पैर में जरा सा झटका लगने पर भी असहनीय पीड़ा होती है | एकदम से ज्यादा बोझ उठाने पर , स्लिप डिस्क होने पर, अधिक तनाव के कारण या दुर्घटना के कारण साइटिका होता है |
उपचार एवं नुस्खे -
आलू -
1 गिलास कच्चे आलू का रस 2 महीनों तक सेवन करने से इस रोग से निजात मिलती हैं | अगर इसमें गाजर का रस मिला लिया जाये तो प्रभाव और बढ़ जाता है |
लहसुन -
लहसुन साइटिका के दर्द में काफी लाभप्रद है | 150 ग्राम गाय के दूध में 4-5 लहसुन की बारीक काटी हुई कलियाँ मिलाकर अच्छी तरह उबाल लें या इसकी खीर बना लें | इस प्रयोग को दो तीन महीने करने से साइटिका में भरपूर फायदा मिलता है | आप चाहें तो खाली पेट सुबह 4-5 लहसुन की कली को कच्चा चबा कर निगल लें , तो भी फायदा मिलेगा |
नींबू -
1 नींबू के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर , रोज सेवन करें | जब तक आराम न मिले यह प्रयोग जारी रखें |
कुचला -
कुचला साइटिका में बेहद उपयोगी औषधि है | शुद्ध कुचला में सामान मात्रा में सोंठ मिला कर छोटी छोटी गोली बना लें | सुबह शाम दूध से लें |
विशेष नोट ‌‌- कुचला का प्रयोग करने से पहले एक बार अपने आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर परामर्श करें । कुचला के प्रयोग से कभी कभी कुछ दिक्कते होने लगती हैं ।

पोस्ट की गयी यह जानकारी आपको अच्छी और लाभकारी लगी हो तो कृपया लाईक और शेयर जरूर कीजियेगा ।